GAUTAM LABHDHI VIKAS FOUNDATION
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प्रस्तावना

युवामनिषी उपाध्याय प्रवर श्री प्रवीणऋषीजी म.स़ा. ने हमेशा वर्तमान परिस्थिती मे समाजमे जो उलझने, समस्या होती है वह सुलझाने का यशस्वी प्रयास किया है । धर्म की सही परीभाषा समजने वाले उपाध्यायश्री ने समाजमे निर्माण हुवे कई समस्या का समाधान युग चेतना के शिबीरो के माध्यमसे समाज को दिये है। जैसे छोटे बच्चोके समस्या का निराकरण करने – Paranting, पती पत्नी के सुखी संसार के लिए – Blissful Couple,  परीवार के एकता के लिए – कुटूंब जगरिया, वैफल्य एवं तणाव मुक्ती के लिए| पुरषाकार ध्यान साधना, जरूरतमंद साधार्मिक बंधू के सेवा शिक्षा और विकास के लिए-गौतमनिधि। ऐसे अनेक समाज के जटिल समस्या का समाधान करने का सफल प्रयास किया है उपाध्याय श्री प्रवीणऋषिजी म. सा. ने.|

गौतमनिधी फाऊंडेशन

उपाध्याय श्री जी का एक सपना है समाज का हर परीवार सधन हो समृध्द हो । बोहरा समाज के योजनाओं से हमेशा गुरुदेव को आकर्शित किया है । बोहरा समाजने जरुरतमंद साधर्मिक परीवारको समृध्द बनाने की विषेश योजना बनाई है । हर समाज ने अपने समाजके जरुरतमंद परीवार के लिए काम किया तो संपुर्ण देशमे सभी परीवार समृध्द बनेगे । इसलीए उपाध्याय श्री जी ने सन 1996 मे गौतमनिधी यह संकल्पना लायी । लब्धीधारी गौतमस्वामी के नामसे चलनेवाली यह योजना इस प्रकार है ।

गौतमनिधी का कलश हर परीवारमे दिया जाता है । प्रतिदिन ‘‘ अनंत लब्धी निधानाय श्री गौतमस्वामी ने नमः’’ यह जाप करके परीवान के सभी सदस्योने यशाशक्ति दान कलेश मे समर्पित करना है । इसमे दो फायदे होते है परीवार मे हर सदस्य को खास करके बच्चोको दान देने की आदत लगती है । और दुसरी महत्वपुर्ण बात दान देनेसे अंतराय कर्म का जो बंध होता है वह टुट जाता है । इससे सफलता समृध्दी और सधनता का मार्ग खुला हो जाता है । इन वितरीत किए हुवे कलशोका सालमे दो बार निधी संकलन होता है ।

जमा हुई राशी साधर्मिक बंधुके सेवा शिक्षा और विकास के लिए वितरीत की जाती है। शिक्षामे जरुरतमंद साधर्मिक बच्चोको शिक्षा के लिए मदत की जाती है । सेवामे जो जरुरतमंद साधर्मिक भाई धन के अभावसे अपना उपचार नही कर पाते उनको अस्तपाल के खर्चे के लिए मदत दी जाती है । विकासमे जरुरतमंद साधर्मिक भाईको व्यापार के लिए शुन्य प्रतिषत व्याजसे कर्जा दिया जाता है । जिससे वह आपनी उपजिवीका करता है । जिन परीवारको मदत दी जाती है उनके नाम घोशित नही किये जाते है । सर्वेक्षण करने के बादही जरुरतमंद परीवार को मदत दी जाती है । अब गौतमनिधी का कार्य षिखर पर पहूॅंच रहा है । ऐसाही यह कार्य तेजीसे आगे बढता है तो वह दिन दुर नही तब समाज का हर परीवार सधन और समृध्द बनेंगा एक कार्य जो गुरुदेव कही सालोसे कर रहे है जो समाज के सामने सन 2020 मे प्रस्तुत किया गया है वह है गौतमलब्धी विकास फाऊंडेशन।

संकल्पना – भारतीय संस्कृतीमे एक परंपरा रही है । अपने श्रध्दा स्थान के साथ अपने व्यवसायमे भागीदारी करना । यह संकल्पना गुरुदेवने कही साल पहले कुछ परीवार को प्रेरणा देकर शुरू की है । गतः कही सालसे कुछ परीवारने अपने व्यवसायमे गौतमस्वामी को भागीदार बनाया है । अपने वार्शिक आयमे से कुछ प्रतिषत गौतमस्वामीजी के नामसे रखा जाता है । वह राशी दानधर्म के लिए इस्तमाल की जाती है । आये हुवे धनराशी को यथायोग्य तथा नियोजन पूर्ण दानधर्म करने के लिए इन परीवाराने गुरुदेवसे आग्रह कीया । इस राशीका ठिकसे नियोजन करेगे तो आम समाज का अच्छा बडा कर्म हो सकता है । इन भावनाओंका आदर करते हुवे 20 ऑगस्ट 2020 के दिन आचार्य सम्राट राश्ट्रसंत प.पू.श्री. आनंदऋशिजी म. स़ा. के जन्म दिवसपर गौतमलब्धी विकास फाऊंडेशन की घोशणा की गई ।

आध्यात्मिक – इस योजना के आध्यात्मिक दुष्टिको देखा जाय तो दान देनेसे हमारे पुण्यकर्म के बंध होते है पाप कर्म क्षय होता है । हमारे लिए समृध्दी एवं सधनता के मार्ग खुले होते है । हमारे कमाई से कुछ प्रतिषत दान देने से हमने कमाया हुवा धन का शुद्धिकरण होता है । जो हमे भविश्यमे आनेवाले आर्थिक नुकसानसे बचाता है । गौतमस्वामी याने लब्धी का भंडार है । जिनके नामे लेनेसे हमेशा वृद्धी होती है । कभी कुछ कम नही पडता । उन गौतमस्वामी को अगर हम बिझनेस पार्टनर बनायेंगे तो व्यापारमे हमेशा सफलता मिलेगी ।

सामाजिक – समाजका हमारे सफलतामे कुछ ना कुछ योगदान हमेषा रहता है । जिस समाजने हमे सब कुछ दिया है उस समाजके लिए हमे कुछ ना कुछ करना है यह भावना हमेषा हमारे मनमे रहती है । दान देनेसे हमारी यह भावना पुरी हो जाती है। और समाज के लिए जो अच्छा कार्य होता है वह देखकर हमे आत्मसमाधान मिलता है । समाजके प्रती हमारी कुतज्ञता व्यक्त हो जाती है ।

कार्य – गौतमस्वामी को व्यापारमे भागीदार रखने के बाद जमा हुई राशी गौतमलब्धी विकास फाऊंडेशन को समर्पित करनी है । यह राशी जमा होने के बाद गौतमलब्धी विकास फाऊंडेशन आम आदमी के लिए सेवा संस्थान और शिक्षा संस्थान निर्माण के कार्य करेगा ।

सेवा – सेवामे काम करने के लिए विकास फाऊंडेशन के ओरसे अस्पताल की श्रुंरवला बनाना यह महत्वपुर्ण कार्य होगा । अस्पताल जो आम लोगो के लिए अत्यंत माफक शुक्ल मे काम करेगा । देश के प्रमुख शहरों मे यह अस्पताल की श्रृंखला बनाई जायेगी ।

शिक्षा – स्कुल और काॅलेज की श्रृंखला बनाना यह विकास फाऊंडेशन का लक्ष रहेगा । किफायती दाममे अच्छी शिक्षा देना यह उद्देष फाऊंडेशन नका रहेगा ।

कैसे जुडेगे आप –

इस योजनामे जुडने के लिए आपको गौतमलब्धी विकास फाऊंडेशन का फाॅर्म भरके देना होगा । जिसमे आप आपनी आय मे से जितने प्रतिषत गौतमस्वामी के नामसे देना चाहते हो उसकी स्विकृती आपको इस फाॅममे भरकर देनी है। इसमे आप पुरे सालमे एक राशी निर्धारीत करके भी दे सकते है । साल पुरा होने के बाद वह निर्धारीत राशी या भागीदारीमे जो राशी जमा होगी वह आपको फाऊंडेशन मे जमा करनी है । उस जमा रा शीसे समाज का एक विधायक कार्य होगा ।

फाऊंडेशन में दान देनेसे आपको शाषन सवलत का लाभ मिलेगा गौतमलब्धी विकास फाऊंडेशन यह रजिस्टर ट्रस्ट रहेगा जिसमे 80 जी के रजिस्ट्रेशन के कारण आपको आयकर मे छुट मिलेगी । वैसे CFR FUND स्विकारने का प्रावधान भी इस ट्रस्टमे रहेगा । आम समाज के कल्याण के लिए यह फाऊंडेशन काम करेगा । जिसके कारण शाषन की हर योजना का लाभ हमारे दानदाता को आवश्य मिलेगा ।

आवाहन – आईये इस योजना को जुडने के लिए अपना फाॅर्म भरकर दिजिए और संपर्क करे – 9822192841

Mr. Sunil Popatlal Nahar
Settler / Chairman

Mr. Sunil Popatlal Nahar

Occupation: Business
Address: Flat No D-1602, Tower No 4 Castle Royale Towers, Nr Joshi Gate Bopodi, Nr. Pune University, Range Hills,
Pune – 411 020.

Mr. Pankaj Premchand Phulphagar
Secretary

Mr. Pankaj Premchand Phulphagar

Occupation: Business
Address: Frio Warehousing Pvt. Ltd Tapadiya Terrace.1st Floor, Near Satish Motors, Adalat Road, Aurangabad – 431 001.

Mr. Ravi Suresh Jain
Treasurer

Mr. Ravi Suresh Jain

Occupation: Business
Address: 16A, VidyaVihar Colony, Chopda, Jalgoan, Maharashtra – 425 107.

Mr. Narendra Shantikumar Firodia
Trustee

Mr. Narendra Shantikumar Firodia

Occupation: Business
Address: “ShobhaSadan” Aurangabad Road, Opp. DSP office,
Ahmednagar – 414 001.

Mr. Sunil Kumar S
Trustee

Mr. Sunil Kumar S

Occupation: Business
Address: Nuts n Spices 11, Chinniah Street, T. Nagar, Chennai – 600 017.

Mr. Sunil Kumar B
Trustee

Mr. Sunil Kumar B

Occupation: Business
Address: Moti Jewel Palace 50, Bazaar Street Halasuru Bangalore – 560 008.

Mr. Santosh Chandulal Mandlecha
Trustee

Mr. Santosh Chandulal Mandlecha

Occupation: Business
Address:Reliance Electronic, D-1/2, MIDC, Ambad, Nashik – 422 010.

SANSTHAPAK MEMBER

An individual who is citizen and resident of India and who is of sound mind can become SANSTHAPAK member (SANSTHAPAK Sadsaya) of the Institution if he / she is major and agrees with the objects of the Institution and is ready to abide by the rules and regulations of the Institution can become a SANSTHAPAK MEMBER of the institution.

The said member can appoint his nominee to succeed him / her for generation to generation.

ASHRAYDATA MEMBER

Rs. 2,00,001/- : An individual who is citizen and resident of India and who is of sound mind can become Ashray data member (Ashraydata Sadsaya) of the Institution if he / she is major and agrees with the objects of the Institution and is ready to abide by the rules and regulations of the Institution and who has donated or collected donation of Rs 2,,00,001/- to the institution can become a ASHRAY DATA MEMBER of the institution.

The said member can appoint his nominee to succeed him / her.

ADHARSTAMBHA MEMBER

Rs.299,000.00/- : An individual who is citizen and resident of India and who is of sound mind can become Adhars tambha member (Adharstambha Sadsaya) of the Institution if he / she is major and agrees with the objects of the Institution and is ready to abide by the rules and regulations of the Institution and who has donated or collected donation of Rs.11,00,001/- to the institution can become a ADHARSTAMBHA MEMBER of the institution.

The said member can appoint his nominee to succeed him / her for generation to generation.

AJEEVANMEMBER

Rs.11,001/-An individual who is citizen and resident of India and who is of sound mind can become AJEEVAN member (AJEEVANSadsaya) of the Institution if he / she is major and agrees with the objects of the Institution and is ready to abide by the rules and regulations of the Institution and who has donated or collected donation ofRs. 11,001/- to the institution can become a AJEEVAN MEMBER of the institution.

The entries of all members will be made in the Register of Members maintained under S. 15 of the Societies Registration Act, 1860.

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BY NAGAR ROAD, PUNE GAUTAM LABHDHI FOUNDATION